महान कवियित्री महादेवी वर्मा कि सातवीं पीढ़ी कि कवियित्री श्रीमती भावना दीपक मेहरा कि नवीन कृति अंतर्मन की झरनी मेरे समक्ष है । मैंने इसे आद्योपांत देखा है इस संग्रह में पारंपरिक काव्य मूल्यों की रक्षा करते हुए नयी चेतना को शब्दायित करने का सफल प्रयास किया है। रचनाओं की भाषा न सरल है न कठिन, वरन वह सहज अर्थात भाव के साथ जन्मी भाषा है।
मेरा विष्वास है कि सुधिजन द्वारा साहित्य मन्दिर कि उक्त कृति का समुचित स्वागत किया जायेगा ।
100 Poems By Dr Bhavna Mehra , Pages, -100 Nos





Ayodhyakand-1 (Ramcharit Manas) 
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