जरा बच के रहना बुरा है जमाना ।
हसीनों को आता है जादू चलाना ।।
ये तीरे नजर शोखियाँ भर के मारें ।
इन्हें खूब आता है उल्लू बनाना ।
अदाएं दिखा लूट लेते हैं सब कुछ ।
अरे इनके जलवों से खुद को बचाना ।।
गजब इनकी माया खुदा तू बचा ले ।
कभी भोली सूरत पे इनकी न जाना ।।
दबे पाँव आते हैं दिल को चुराने ।
इताअत मेरी दिल पे ताला लगाना ।।
Gazal
Poetry by Shalini Srivastava







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